गुरुवार, 12 अक्टूबर 2023

क्या परिवाद पेश किये जाने के सम्बन्ध में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम में कोई सीमा अवधि निर्धारित की गई है ?

क्या परिवाद पेश किये जाने के सम्बन्ध में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम में कोई सीमा अवधि निर्धारित की गई है ? समझाइये।

Whether any limition has been prescribed for presentation of a complaint? Explain.

 

उत्तर- उपभोक्ता संरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 1993 द्वारा अधिनियम में एक नई धारा 24 के अन्तः स्थापित (Insert) कर परिवाद पेश किये जाने की सीमा अवधि निर्धारित की गई है। इसके अनुसार जिला फोरम राज्य आयोग या राष्ट्रीय आयोग के समक्ष कोई भी परिवाद वाद कारण (Cause of action) उत्पन्न होने की तिथि से दो वर्ष के भीतर पेश किया जा सकता है. उसके बाद नहीं ।

 

दो वर्ष के बाद परिवाद केवल तभी स्वीकार किया जा सकता है जब जिला फोरम, राज्य आयोग या राष्ट्रीय आयोग को यह समाधान हो जाये की विलम्ब का कोई पर्याप्त कारण (Sufficient cause) रहा है.

 

पर्याप्त कारण से अभिप्राय ऐसे कारण से है जो परिवादी की नियंत्रण शक्ति से बाहर रहा हो पी. एच. ई. डी- बीकानेर बनाम जिला फोरम, बीकानेर (1991 आर. एल. टी 45 ) ।

 

ऐसे मामलों में परिवादी द्वारा शपथ पत्र प्रस्तुत किया जाना वांछनीय है आर. एस. आर. टी. सी. बनाम जिला फोरम, बीकानेर (1992 आर. एल. टी. 45)।

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