डा० अन्दरहिल ने अपकृत्य को किस प्रकार परिभाषित किया है?
उत्तर-
डा० अन्डरहिल के अनुसार, “अपकृत्य एक ऐसा कार्य या कार्यलोप है जो कानून द्वारा अनाधिकृत
तथा संविदा से स्वतन्त्र है तथा जिसके द्वारा या तो किसी व्यक्ति के - (i) पूर्ण अधिकार
(Absolute Right) का उल्लंघन होता है, या (ii) सीमित अधिकार (Qualified Right) का उल्लंघन
होता है, जिससे हानि होती है, या (iii) लोक अधिकार (Public Right) का उल्लंघन होता
है जिससे उसे सामान्य जनता की अपेक्षा अधिक सारवान (Substantial) तथा विशेष हानि होती
है तथा जिसके फलस्वरूप वह क्षतिकर्ता के विरूद्ध क्षतिपूर्ति प्राप्त करने के लिये
मुकदमा चलाने का अधिकारी हो जाता है।
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