आक्रमण (Assult) पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिये।
उत्तर-आक्रमण
(Assult)- प्रोफेसर विनफील्ड के अनुसार, "आक्रमण प्रतिवादी का वह कार्य है जो
वादी के मन में ऐसी युक्तियुक्त आशंका उत्पन्न कर देता है कि प्रतिवादी उस पर प्रहार
करेगा ।" 'आक्रमण' की मुख्य कसौटी यह है कि प्रतिवादी द्वारा दी गई धमकी का प्रभाव
वादी के मन में इस आशंका के साथ हो कि प्रतिवादी उसके विरूद्ध बल प्रयोग करने वाला
है। अर्थात् केवल मात्र चमकी आक्रमण नहीं होगी जब तक धमकी के साथ धमकी देने वाले व्यक्ति
का हाव-भाव ऐसा न हो कि उससे वादी के दिमाग में उसके प्रति डर उत्पन्न हो जावे वास्तविक
शारीरिक सम्पर्क इसमें आवश्यक नहीं होता। किन्तु धमकी देने वाले व्यक्ति के हाव-भाव
अवश्य होने चाहियें जिनसे वादी के मन में यह आशंका हो जाये कि वह उसके विरूद्ध बल प्रयोग
करने वाला है।
प्रहार (मार-पीट ) (Battery) का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
प्रहार (मार-पीट ) (Battery)- आक्रमण को क्रियान्वित रूप में परिवर्तित कर देना ही
प्रहार है। अर्थात् किसी व्यक्ति के शरीर को बिना किसी कानूनी औचित्य के उसकी इच्छा
के विरूद्ध अभद्र तरीके से छूना, प्रहार है सामण्ड ने प्रहार की परिभाषा देते हुए कहा
है कि "बिना विधिक औचित्य के किसी व्यक्ति के शरीर के प्रति जानबूझकर या इरादे
से बल प्रयोग प्रहार कहलाता है।"
इस
प्रकार, स्पष्ट है कि प्रहार वास्तविक रूप से प्रतिवादी द्वारा वादी के विरूद्ध बल
का प्रयोग है। इस विवेचन से प्रहार के दो तत्व स्पष्ट होते हैं- (i) प्रतिवादी द्वारा
वादी के विरूद्ध उसके शरीर के प्रति बल का प्रयोग किया जाना चाहिये। बल का प्रयोग स्वयं
के शरीर के द्वारा अथवा अन्य वस्तु के माध्यम से किया जा सकता है शरीर के द्वारा जैसे,
चांटा मारना, धक्का देना आदि। वस्तु के माध्यम के द्वारा जैसे पत्थर फेंक कर पानी फेंक
कर कुत्ता छोड़ कर आदि; (ii) यह कि बल का प्रयोग साशय तथा विधिक औचित्य से किया गया
हो। भीड़ में किसी व्यक्ति के शरीर से छू जाना अथवा किसी व्यक्ति का ध्यानाकर्षण करना
प्रहार की कोटि में नहीं आता है।
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