उपभोक्ता संरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 1993 के उद्देश्य एवं कारणों (Objects and Reasons of the Consumer Protection (Amendment) Act, 1993) का संक्षिप्त परिचय लिखिए।
उत्तर-
उपभोक्ता संरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 1993 का मुख्य उद्देश्य 1986 के अधिनियम की कमियों
को दूर करने तथा समावेशित क्षेत्र की परिधि को बढ़ाना तथा अधिनियम के अन्तर्गत परितोषीय
अभिकरणों को और अधिक शक्तियाँ प्रदान करना है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए यह व्यवस्था
करना है अर्थात्- (i) अधिनियम की परिधि को बढ़ाना जिससे कि जहाँ ऐसे उपभोक्ताओं के
सामान्य हित को उपभोक्ता वर्ग कार्यवाही परिवादों और व्यापारी द्वारा अपनायी गयी अवरोधक
व्यापारिक व्यवहारों से सम्बन्धित परिवादों को दाखिल करने में समर्थ करना। (ii) ऐसे
उपभोक्ताओं को जो स्वरोजगार में हों उन्हें परितोषीय अभिकरणों के समक्ष जहाँ उनके द्वारा
केवल अपने जीविकोपार्जन के लिए क्रय किए गए माल में कोई दोष हो परिवाद दाखिल करने में
समर्थ करना। (iii) आवास निर्माण से सम्बन्धित सेवाएं सम्मिलित करना (iv) विभिन्न परितोषीय
अभिकरणों के अधिकतर सदस्यों के चयन के लिए समिति के गठन की व्यवस्था करना (v) जिला
फोरम, राज्य आयोग, राष्ट्रीय आयोग की आर्थिक अधिकारिता बढ़ाना (vi) पक्षकारों का खर्चा
अधिनिर्णित करने के रूप में, सेवाओं से दोषों या कमियों को दूर करने का आदेश देने के
लिए तथा ऐसा माल जिनसे सार्वजनिक सुरक्षा के संकटापन्न होने की संभावना हो, वापस कराने
के लिए सशक्त करने के लिए परितोषयी अभिकरणों
को अतिरिक्त शक्तियाँ प्रदान करना (vii) तुच्छ या तंग करने वाले परिवाद की दशा में
दण्ड अधिरोपित करना तथा (viii) परिवाद दाखिल करने के लिए 2 वर्ष की अवधि की परिसीमा
की व्यवस्था करना।
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