सोमवार, 19 जून 2023

राष्ट्रीय मानवअधिकार आयोग के कार्यों और अधिकरों का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।

प्रश्न . राष्ट्रीय मानवअधिकार आयोग के कार्यों और अधिकरों का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
Discuss briefly the functions and rights of National Human Rights Commission. 

उत्तर- राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के कार्य (Functions of National Human Rights Commission) मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 मे राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निम्नलिखित कार्य है-

1. निम्नांकित के बारे में स्वयं या शिकायत के पश्चात् जाँच कर सकता है।

(क) मानवाधिकारों का उल्लंघन या दुष्प्रेरण ।

(ख) ऐसे उल्लंघन के निवारण में लोक सेवक द्वारा लापरवाही बरतना। 

2. मानवाधिकारों के उल्लंघन से सम्बन्धित किसी न्यायालय में लम्बित मामले में हस्तक्षेप करना।

3. राज्य सरकार को सूचित करते हुए राज्य सरकार के नियंत्रण मे किसी ऐसी जेल या संस्था का निरीक्षण करना जिसमे व्यक्तियों को चिकित्सा, सुधार अथवा संरक्षण के प्रयोजनार्थ निरुद्ध किया जाता है। ऐसे व्यक्तियों की जीवन दशा का अध्ययन करना।

4. संविधान अथवा अन्य किसी विधि से मानवाधिकारो के संरक्षण के लिए प्राविधित रक्षा उपायों की समीक्षा करना तथा उनकी प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सुझाव देना।

5. मानवाधिकारों के उपयोग को अवरुद्ध करने वाले आतंककारी कार्यो की समीक्षा करना तथा उनके उपचार के लिए सुझाव देना। 6. मानवाधिकार से सम्बन्धित अन्तर्राष्ट्रीय विलेखो तथा संधियों का अध्ययन करना तथा उनकी प्रभावी क्रियान्विति के लिए सुझाव देना।

7. मानवाधिकार के क्षेत्र में शोध करना या शोध कार्य को प्रोत्साहित करना। 

8. समाज के विभिन्न वर्गों को मानवाधिकारों से अवगत कराना तथा प्रशासन मीडिया, सेमिनार आदि के माध्यम से मानवाधिकारों के सरक्षण हेतु उपलब्ध रक्षा उपायों के प्रति चेतना जागृत करना।

9. मानवाधिकारों के क्षेत्र में कार्यरत गैर-सरकारी संगठनों के प्रयासो को प्रोत्साहित करना।

10. मानवाधिकारों की प्रोन्नति के लिए अन्य कार्य करना या कदम उठाना।

11. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग केन्द्र सरकार एवं सम्बन्धित राज्य सरकार को वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा जिसे संसद या राज्य विधानमण्डल में स्वीकृति के लिए रखा जाता है।

12. राष्ट्रीय मानवधिकार आयोग सु० को० द्वारा संविधान के अनु०-32 के अधीन अधिकारिता के प्रयोग मे जारी किये गये निर्देशों के अनुसरण में कार्य करेगा। उच्चतम न्यायालय ने परमजीत कौर बनाम स्टेट ऑफ पंजाब, ए० आई० आर० 1999 सु० को० 340 में कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग इस न्यायालय के द्वारा जारी किये गये निर्देशों के अनुसरण में कार्य करेगा। इस न्यायालय द्वारा निर्दिष्ट मामले का विनिश्चय करने में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को स्वतन्त्रता दी जाती है और यह किसी भी तरह की शर्तों से सीमित नहीं है।

राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के अधिकार (Right of National Human Rights Commission)-स्मरणीय है कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को वे सभी अधिकार प्राप्त है जो सिथिल प्रक्रिया सकिता (CPC). 1908 के अन्तर्गत किसी वाद का विचारण करने वाले न्यायालय को प्राप्त हैं। 

जैसे- (i) साक्षियों को समन करने उपस्थिति के लिए आबद्ध करने तथा उनका परीक्षण करने के लिए,

(ii) दस्तावेजो का प्रकटीकरण तथा प्रस्तुतीकरण, 

(iii) शपथ पत्रों पर साक्ष्य प्राप्त करना,

(iv) किसी न्यायालय या कार्यालय से किसी लोक अभिलेख या उसकी प्रति की अध्यपेक्षा करना,

(v) साक्षियों के परीक्षण के लिए कमीशन जारी करना, (vi) अन्य विषय जो विहित किए जाएँ।

स्मरणीय है कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग शिकायत मिलने पर या स्वयं ही किसी मानवाधिकार उल्लंघन के मामले की जांच भी कर सकता है।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का कार्य मानवाधिकार के उल्लंघन के लिए दोषी व्यक्तियों को दण्डित करने के साथ-साथ पीड़ित व्यक्ति को उपचार दिलाना भी है।


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