रविवार, 25 जून 2023

सॉफ्टवेयर पायरेसी

डाटा की चोरी - धारा 43B, 66E, 77C, IPC 379, 405, 420 & Copyright Act, 3 साल जेल, 2 लाख जुर्माना

पहचान की चोरी - धारा 43, 66C, IPC 490 3 साल जेल, 1 लाख जुर्माना

सॉफ्टवेयर पायरेसी

सॉफ्टवेयर पायरेसी यानी सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनियों को भुगतान किए बिना या उनके द्वारा भारी रकम खर्च करके तैयार किए गए सॉफ्टवेयर की नकली कापियां बनाना या उनका उपयोग करना, इस क्षेत्र को बुरी तरह प्रभावित करने वाला एक प्रमुख अपराध है। एक अनुमान के अनुसार सॉफ्टवेयर पायरेसी के कारण भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनीज को 900 करोड़ रुपये सालाना का नुकसान हो रहा हैं। भारत में आज भी कुल इस्तेमाल किए जाने वाले सॉफ्टवेयर का 60 प्रतिशत पायरेटेड होता है। सॉफ्टवेयर एवं तकनीकी उद्योग एसोसिएशन, यू० एस० ए० के आँकड़ों के अनुसार विश्व में 7.5 बिलियन मिलियन डॉलर मूल्य के वीडियो टेप्स, कैसेट्स एवं काम्पैक्ट डिस्क्स का प्रयोग सॉफ्टवेयर पायरेसी के माध्यम से होता है। चीन एवं हांगकांग साफ्टवेयर पायरेसी में प्रमुख रूप से सक्रिय हैं। देश अनऑथराइज्ड सॉफ्टवेयर की प्रतिकापियाँ दुनिया भर में वितरित कर देते हैं ।

सॉफ्टवेयर पाइरेसी के विभिन्न रूप निम्नवत हैं-

(i) गैर कानूनी रूप से इंटरनेट पर पाइरेटेड सामग्री का वितरण।

(ii) कम्प्यूटर नेटवर्क पर पंजीकृत ट्रेडमार्क का गैर कानूनी रूप से प्रयोग । 

(iii) विशिष्ट सॉफ्टवेयर का अनाधिकृत बाजार में वितरण । 

(iv) सॉफ्टवेयर का कॉपीराइट उल्लंघन ।

(v) लाइसेंसधारी उपयोगकर्ता द्वारा बिना लाइसेंसी उपभोगकर्ताओं को सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराना । वियतनाम , यूक्रेन और चीन सॉफ्टवेयर पायरेसी में दुनिया के अग्रणी देश हैं।

सॉफ्टवेयर निर्माण में भारत दुनिया के अग्रणी देशों में है। वर्ष 2005-06 में भारत से 23.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निर्यात हुआ । माइक्रोसॉफ्ट (अमेरिका) दुनिया की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी है, बिल गेट्स इसके संस्थापक है । यह कंपनी भी सॉफ्टवेयर पाइरेसी का शिकार है। सॉफ्टवेयर पाइरेसी एक गैर कानूनी कृत्य है। कंपनियाँ काफी श्रम, समय व धन खर्च करके सॉफ्टवेयर तैयार करती हैं। यदि सॉफ्टवेयर की पाइरेसी हो जाय तो कंपनियों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ती है। यह सॉफ्टवेयर पाइरेसी कभी-कभी उपभोगकर्ताओं को भी नुकसान पहुँचा देती है। माइक्रोसॉफ्ट के एक सर्वे से यह पता चला है कि वर्ष 2006 में सॉफ्टवेयर पाइरेसी में 1460 मिलियन अमेरिकी डालर की हानि हुयी है।

एक सॉफ्टवेयर जिस पर OSI भार्क (ग्राफिक प्रमाण पत्र ) लगा होता है, उसका मतलब है कि यह सॉफ्टवेयर एक लाइसेंस के तहत वितरित किया जा रहा है ! बगैर OSI ट्रेडमार्क के वितरित होने वाले सॉफ्टवेयर पाइरेटेड हो सकते हैं। फ्री सॉफ्टवेयर को उपभोक्ता - चला सकते हैं, कॉपी कर सकते हैं वितरित कर सकते हैं, पढ़ सकते हैं और उसमें कर सकते हैं। फ्री सॉफ्टवेयर को 1984 में अमेरिका के रिचर्ड स्टालमैन ने शुरू किया था। सुधार भी पब्लिक डोमेन सॉफ्टवेयर ऐसा ही सॉफ्टवेयर है जिसका कॉपीराइट नहीं जाता है।

हैकर का कारनामा

भारत 5 एक हैकर ने 80 लाख लोगों की पहचान व उनका विस्तृत विवरण चुराकर ...रूस के एक माफिया को बेच दिया। इससे करीब तीन अरब पाउंड अर्थात् 2 खरब 43 अरब रुपए का नुकसान हुआ है। साइबर क्राइम के इतिहास में यह अब तक का सबसे बड अपराध है। इस हैकर ने स्काटलैण्ड के बेस्ट वेस्टर्न ग्रुप की आन लाइन बुकिंग प्रणाली के सुरक्षा कवच को भेद दिया तथा उसने इसकी संचालन प्रणाली का विस्तृत विवरण भी गुप्त नेटवर्क के माध्यम से रूसी माफिया को बेच दिया। इस साइबर हमले में 1,312 कांटिनेंटल होटलों के सभी ग्राहकों का व्यक्तिगत ब्यौरा चोरी कर लिया गया। ये सभी लोग 2007 से अब तक इन होटलों में ठहरे थे। चोरी हुयी सूचनाओं में घर का पता, टेलीफोन नम्बर, क्रेडिट कार्ड का विवरण और इनके पेशे का ब्यौरा शामिल हैं। यह घटना वर्ष 2008 के अगस्त माह में प्रकाश में आयी। बैंक ग्राहकों की निजी जानकारी बेची

ब्रिटेन के एक आई० टी० मैनेजर ने इंटरनेट ऑक्शन साइट “इबे” से खरीदे एक सेकेण्ड हैण्ड कम्प्यूटर की हार्ड डिस्क में मिली अमेरिकन एक्सप्रेस, नेटवेयर और रॉयल बैंक ऑफ स्काटलैण्ड के 10 लाख ग्राहकों के खाते का नम्बर, फोन नंबर, माँ का नाम और दस्तखत को एक हैकर को बेच दिया। यह डाटा एसेक्स की एक कंपनी "ग्राफिक डाटा” के पास थी, यह कम्प्यूटर भी उसी कंपनी के एक कर्मचारी का था, जिसने उसे आक्शन में बेंच दिया था। यह घटना वर्ष 2008 के सितम्बर माह में प्रकाश में आयी । विभिन्न साइटों पर हैकरों की विवादित ई-मेल

ऑरकुट—अक्टूबर 2006 में ऑरकुट पर एक फोटो लगाया गया था, जिसमें तिरंगे को जलते हुए दिखाया गया था। इसी वर्ष अगस्त 2006 में मुम्बई के एक व्यापारी के बेटे अदनान के अपहरण और हत्या में ऑरकुट का इस्तेमाल किया गया था । इसने उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती को भी नहीं बख्शा। इससे पहले भी ऑरकुट में बाल ठाकरे और 'अन्य राजनीतिज्ञों को बदनाम करने के मामले सामने आए थे । इस साइट पर छत्रपति शिवाजी की अशोभनीय प्रोफाइल डालकर लोगों की भावनाओं को भड़काने की कोशिश भी की गई।

यू-ट्यूब - इस साइट पर पहले महात्मा गाँधी का बेहद अश्लील वीडियो प्रसारित किया गया। उसके बाद इसने यूपीए अध्यक्ष सोनिया गाँधी पर निशाना साधा। उन्हें अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए का एजेंट बताया गया। इतना ही नहीं, इंदिरा, राजीव और संजय गाँधी की हत्या के लिए भी उन्हें ही जिम्मेदार बताया गया ।

याहू - याहू के मेल बॉक्स में सुनीता विलियम्स द्वारा मुस्लिम धर्म स्वीकार करने की अफवाह उड़ाई गई। मेल करने वाले ने लिखा कि जब सुनीता ने टेलीस्कोप से अँधेरी दुनिया की दो रोशन जगहों को देखा, पाया कि वे मक्का और मदीना हैं। वह आश्चर्यचकित रह गई और तभी उन्होंने यह निश्चय किया कि वह इस्लाम अपना लेंगी। मेल के अंत में संदेश देते हुए लिखा गया कि मुस्लिम होने का गर्व करें और इस खबर को आग की तरह दूसरों तक पहुँचाएँ ।

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