मिथ्या नाम से व्यापार करना से आप क्या समझते हैं? मिथ्या नाम से व्यापार करने के मामले में वादी को प्रतिवादी के खिलाफ क्या सिद्ध करना होता है?
What
do you mean by passing off? What a plaintiff must prove in case of passing off against defendant?
उत्तर-
मिथ्या नाम से व्यापार करना (Passing off) - पासिंग ऑफ का तात्पर्य है, किसी व्यक्ति
द्वारा क्रेताओं को धोखा देने के आश्य से मिथ्या निरूपण करना जिससे क्रेता यह विश्वास
कर ले कि प्रतिवादी जो वस्तुएँ बेच रहा है, वे वास्तव में वादी की हैं 'अर्थात् यह
क्रेताओं को ऐसी मिथ्या सूचना देना है कि जिससे वे इस विश्वास में आ जायें कि प्रतिवादी
द्वारा बेचा जाने वाला माल वादी का है।
'पासिंग ऑफ' एक प्रकार की अनुचित प्रतियोगिता है जिसमें कपटपूर्ण प्रयत्नों से दूसरे के द्वारा स्थापित व्यापारिक या व्यावासायिक प्रतिष्ठा का लाभ उठाये जाने का प्रयास किया जाता है इसमें ट्रेड मार्क, पेटेन्ट राइट, ट्रेडनाम, कापीराइट आदि सम्मिलित रहते हैं। पासिंग ऑफ के मामले में वादी को क्या सिद्ध करना होता है? इस कार्यवाही में वादी को यह सिद्ध करना होता है कि- (i) वादी का नाम मात्र बाजार में किसी स्पष्ट नाम, चिन्ह या ट्रेडमार्क से प्रसिद्ध था (ii) प्रतिवादी ने क्रेताओं से अपने व्यवहार द्वारा वादी के माल के सम्बन्ध में मिथ्या निरूपण किया। (iii) प्रतिवादी के उक्त मिथ्या निरूपण को क्रेताओं ने सत्य माना। अर्थात् प्रतिवादी द्वारा बेचे जाने वाले माल को वादी का वास्तविक माल माना तथा (iv) इस प्रकार के मिथ्या निरूपण से वादी को विशिष्ट क्षति पहुँची।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें