घटना स्वयं बोलती है (Res Ipsa Loquitor) से आपका क्या आशय है?
उत्तर-
घटना स्वयं बोलती है (Res Ipsa Loquitor) सामान्यतः असावधानी को सिद्ध करने का भार
वादी पर होता है। लेकिन कुछ परिस्थितियाँ ऐसी होती हैं, जिनमें वादी दुर्घटना तो सिद्ध
कर सकता है, किन्तु यह सिद्ध नहीं कर सकता है कि घटना किस प्रकार घटी। इसका ज्ञान तो
केवल प्रतिवादी को ही हो सकता है, जो दुर्घटना के लिये जिम्मेदार है। ऐसी अवस्था में
दादी को न्यायालय के सामने केवल उन्हीं तथ्यों को देना पर्याप्त है, जिनमें घटना घटी
हैं शेष तथ्यों की उपधारणा कानून स्वयं करेगा। इसे 'घटना स्वयं बोलती है' का नियम कहते
हैं। इस नियम को लागू करने हेतु दो शर्तों का होना आवश्यक है- (i) हानि पहुँचाने वाली
वस्तु प्रतिवादी या उसके सेवकों के नियन्त्रण में होनी चाहिये तथा (ii) पटना ऐसी हो
जो बिना असावधानी के न घट सकती हो ।
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