"जानबूझकर आपत्ति लेना" (Volenti non fit injuria) से आप क्या समझते हैं?
उत्तर-
" जानबूझकर आपत्ति लेना” (Volenti non fit injuria) - "जान-बूझकर आपत्ति
लेना" या "सम्मत कार्य से दुष्कृति नहीं होती" नामक सूत्र का अर्थ है
कि जहाँ व्यक्ति स्वेच्छा से हानि उठाता है, वहाँ कानूनी क्षति नहीं होती सामण्ड के
अनुसार, यदि किसी व्यक्ति ने स्वेच्छा से अपने अधिकार को त्याग दिया है तो वह फिर उस
अधिकार का लाभ नहीं उठा सकता । अपकृत्य के बचाव का यह महत्वपूर्ण सूत्र है। उदाहरणार्थ-
यदि कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति को अपने घर पर आने के लिये आमन्त्रित करता है या
उसे सावधानी से अपने शरीर पर ऑपरेशन करने की अनुमति देता है तो वह बाद में उन कार्यों
के लिये उस व्यक्ति के खिलाफ अतिचार या मारपीट का दावा नहीं कर सकता।
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