टेलीफोन डाइरेक्ट्री प्रकाशित न करना क्या कमी की परिभाषा में आयेगा?
उत्तर- नहीं? इस सम्बन्ध में टेलीकाम डिस्ट्रिक्ट मैनेजर बनाम् देवराज एण्ड संस (1994)। C.P.J.23 N. C. राष्ट्रीय आयोग ने निर्धारित किया है कि इस कथन पर ध्यान नहीं दिया जा सकता कि टेलीफोन विभाग टेलीफोन निर्देशिका वार्षिक रूप से प्रकाशित करने के लिये बाध्य है। भारतीय तार नियमावली, 1951 का नियम 452 जिसका दृष्टांन्त प्रतिविरोध के समर्थन में दिया गया था, के बारे में आयोग ने यह पाया कि वह केवल यह अभिकथित करता था कि टेलीफोन निर्देशिका की एक प्रति प्रत्येक टेलीफोन विस्तार या अभिदाता को निःशुल्क उपलब्ध करायी जायेगी। नियम किसी ऐसे अंतराल के बारे में अभिकचन नहीं करता जिसके बीत जाने के बाद नई निर्देशिका प्रकाशित और वितरित की जायेगी।
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